गुरुवार, 30 दिसंबर 2010

फासले


  दुरी हुई तो उनके करीब अदा हम हुए !
ये केसे फासले थे , जो बड़ने से कम हुए !!

10 टिप्‍पणियां:

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति| धन्यवाद|

Harshvardhan ने कहा…

sundar abhivayakti.........

Dorothy ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
आप को भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों शुभकामनाएं.
सादर,
डोरोथी.

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

सुन्दर अभिब्यक्ति!
नव वर्ष की शुभकामनाएं.

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति| धन्यवाद|

नव वर्ष की शुभकामनाएं

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

आपको नववर्ष 2011 मंगलमय हो ।
ब्लाग पर आना सार्थक हुआ ।
काबिलेतारीफ़ है प्रस्तुति ।
आपको दिल से बधाई ।
ये सृजन यूँ ही चलता रहे ।
साधुवाद...पुनः साधुवाद ।
satguru-satykikhoj.blogspot.com

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत बहुत शक्रिया दोस्तों !

संजय भास्‍कर ने कहा…

खुशियों भरा हो साल नया आपके लिए

संजय भास्‍कर ने कहा…

आपको नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें ...ईश्वर से प्रार्थना है कि आने वाला वर्ष आपके जीवन में खूब सारी खुशियाँ लाये ..

रविंद्र "रवी" ने कहा…

सुन्दर अभिब्यक्ति|