हम ना कहना चाहतें हैं और फिर उसे सिद्ध करने के लिए
प्रमाण जुटाते हैं , कारण इकट्ठा करते हैं _ यही तर्क का खेल
होता है |
यैस ( हाँ ) कभी तार्किक मन को आकर्षित नहीं करता ,
वह केवल हृदय को आकर्षित करता है | और अन्तत: केवल
हृदय जीतता है , यैस जीतता है _ तर्क कभी नहीं |