बुधवार, 29 दिसंबर 2010

पैगाम


न समझोगे तो मिट जाओगे ये हिदुस्तान वालों !
   तुम्हारी दास्तान भी न होगी दस्तानों मै  !!

सबक


रंग लाती है हिना , पत्थर  मै घिस जाने के बाद !
सुर्ख रूह होता है इंसा . ठोकरें खाने के बाद !!   

शोर



क्या करेगा प्यार वो ईमान को ,
              क्या करेगा प्यार वो भगवान को !
जन्म लेकर गोद मै इन्सान की ,
             कर न पाया प्यार जो भगवान को !        

वक़्त


वक़्त बर्बाद करने वालो को ,
               वक़्त बर्बाद करके छोड़ेगा !
उसको हालत ही न छोड़ेगा ,
             खुद को हालत पर जो छोड़ेगा !

विश्वास

butterfly

ज़माने से जो डरते हैं वो बेकार होते हैं !
बदल देते हैं जो माहोल वो खुद्दार होते हैं !!
हजारो डूबते हैं नाखुदा के भरोसे पर !
चलाते  हैं जो खुद चप्पू वो अक्सर पार होते हैं !!  

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

फ़र्ज़


  शहीदों की चिताओं  पर लगेंगे हर बरस मेले !
वतन पर मिटने वालों का यही बाक़ी निशान होगा !!