रविवार, 13 फ़रवरी 2011

समर्पण का ही दूसरा नाम प्यार


प्रेम में एसी क्या कठिनाई है की लोग गहरे उतर  ही नहीं पाते ?
       शायद कठिनाई है ... खुद का अहंकार |
मनुष्य की पूरी शिक्षा और संस्कृति अहंकार को मजबूत
करती है , समाज भी अहंकार का पोषण करता है और
फिर जब व्यक्ति यह घना अंधकार लेकर प्रेम के जगत
   में प्रवेश करता है तो सम्भवत: फेल हो जाता है | 

3 टिप्‍पणियां:

mukes agrawal ने कहा…

मोर सपना आवाजाही होते ..त्यौहार इंग्लिश हवे तो का ..प्रेम का सन्देश म सबला पिरोथे.

सदा ने कहा…

बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

Bhushan ने कहा…

विचारणीय है. बहुत अच्छी बात कही गई है.