बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

मोहब्बत




दिल की किताब मैं गुलाब उनका था ,
रात की नींद मै भी ख्वाब उनका था ,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा ,
मर जायेंगे तुम्हारे बिना ये जवाब उनका था |

3 टिप्‍पणियां:

कुश्वंश ने कहा…

मीनाक्षी जी, शब्द अच्छे हैं , भाव भी अच्छे है बधाई
शीर्षक ठीक कर ले " मोहब्बत"

रश्मि प्रभा... ने कहा…

bahut hi achhe ehsaas

वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर ने कहा…

शे अच्छा है
पर.....
उनके बात में सच्चाई हो तब......

http://pathkesathi.blogspot.com/