गुरुवार, 30 सितंबर 2010

किस्मत



उनकी किस्मत का सितारा इस तरह बुलंद था !
क्युकी जो पड़े लिखे थे वे संतरी बने ,
और जो अंगूठा छाप थे वो मंत्री बने ! 

6 टिप्‍पणियां:

खबरों की दुनियाँ , भाग्योत्कर्ष ने कहा…

vaah-vaah

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत बढ़िया ....


कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...

वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो करें ..सेव करें ..बस हो गया .

minakshi pant ने कहा…

मै आप दोनों की शुक्रगुजार हु !

Tarun ने कहा…

जो पढ़े लिखे हैं वो आह आह करे
जो अंगूठा छाप हैं वो वाह वाह करे

और हम आह वाह करें

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

अरे वाह बहुत बढ़िया बात कही आपने..मजेदार पोस्ट..शुभकामनाएँ

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मज़ा आ गया पढ़ कर ... लाजवाब शेर ...