शुक्रवार, 21 जनवरी 2011

मन की बात


                            
दुनिया की नजर मै आये !    
                  कितने भेद हमारे मन  के !
तुम भी चुप और हम  भी चुप !
                   खोले कोन किवारे मन के !

3 टिप्‍पणियां:

alka sarwat ने कहा…

अच्छा प्रश्न है.!

POOJA... ने कहा…

हम्म...
विचार किया जाएगा...
वैसे बात एकदम सही है... :)

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

बहुत अच्छा मुक्तक ......
आपने अपना परिचय नहीं दिया प्रोफाइल में ......!!