शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

धरम


बहस से बड़ी कोई बहस नहीं है ,                               
                  धरम से बड़ी कुच्छ की जागीर नहीं है  !
ये दुनिया वालो की बनाई हुई  हस्ती है ,
                  इस पर कोई  बहस मुमकिन ही नहीं है  !
क्युकी,धरम से बड़ी कोई ज़ंजीर नहीं  है !

2 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

... बेहद प्रभावशाली अभिव्यक्ति है ।

minakshi pant ने कहा…

thanxxxxxx dost